रूस और भारतीय कल्चर
रशियन (Russian) और भारतीय कल्चर (संस्कृति) भौगोलिक और भाषाई रूप से अलग होने के बावजूद कई सामाजिक और पारंपरिक मामलों में गहरी समानताएं साझा करते हैं: परिवार और संयुक्त परिवार की परंपरा: दोनों ही संस्कृतियों में परिवार को बहुत महत्व दिया जाता है। बच्चों का अपने माता-पिता और दादा-दादी के साथ मजबूत जुड़ाव होता है, और बुजुर्गों का घर में विशेष सम्मान किया जाता है। अतिथि देवो भव: (आतिथ्य सत्कार): भारत की तरह रूस में भी मेहमानों का स्वागत बहुत दिल खोलकर किया जाता है। मेहमान के आने पर विशेष व्यंजन बनाना और उन्हें खाली हाथ न लौटने देना दोनों संस्कृतियों का हिस्सा है। बुजुर्गों का सम्मान: सार्वजनिक स्थानों या घर पर बुजुर्गों को पहले बैठने की जगह देना, उनकी राय की कद्र करना और उनसे आशीर्वाद लेना दोनों जगह समान रूप से देखा जाता है। रीति-रिवाज और अंधविश्वास/मान्यताएं: यात्रा से पहले शांत बैठना: रूस में यात्रा पर निकलने से पहले कुछ सेकंड शांत बैठने की परंपरा है (जिसे 'पोसिदेत ना दोरोज्गु' कहते हैं), जो भारत में शुभ मुहूर्त देखकर निकलने जैसी ही एक धारणा है...