ज्योतिष विज्ञान एक परिचय
ज्योतिष शास्त्र क्या है ? प्राचीन काल मे किस किस देश मे ज्योतिष शास्त्र का प्रचलन था ? ज्योतिष शास्त्र क्या है ? ज्योतिष = ज्योति + ईश = "प्रकाश से ईश्वर को जानने का शास्त्र" सरल भाषा में: आकाश में ग्रह-नक्षत्रों की गति देखकर पृथ्वी पर उनके प्रभाव को समझने का विज्ञान। 3 मुख्य अंग हैं: अंग काम उदाहरण 1. सिद्धांत गणित, खगोल। ग्रह कहाँ कब होंगे सूर्योदय, ग्रहण, पंचांग बनाना 2. संहिता दुनिया/देश पर प्रभाव बारिश, भूकंप, युद्ध, राजनीति 3. होरा व्यक्ति पर प्रभाव कुंडली, विवाह, करियर, स्वास्थ्य मुख्य उद्देश्य: भविष्य बताना नहीं। उद्देश्य है - `समय को समझकर सही निर्णय लेना`। जैसे किसान पंचांग देखकर बुवाई करता है, वैसे ही व्यक्ति मुहूर्त देखकर काम करता है। हमारे ऋषियों ने इसे "वेद का नेत्र" कहा है। 2. प्राचीन काल में किन-किन देशों में ज्योतिष का प्रचलन था? ज्योतिष दुनिया का सबसे पुराना विज्ञान है। लगभग हर सभ्यता ने आकाश को पढ़ा। प्रमुख देश/सभ्यताएं: 1. भारत - वैदिक ज्योतिष - समय: 5000+ साल पुराना। वेद, वेदांग ज्योतिष, आर्यभट्ट, वराहमिहिर, भास्कराच...