उप _नाम
उप नामो के सहारे बहुत से पुराने उपनाम लुप्त हो गए जेसे शर्मा ब्राह्मणों का उपनाम देकर बहुत से उनके खुद के उपनाम और उनमें छिपा उनका सांस्कृतिक रीति रिवाज कुल के देवी देवताओं को छीन लिया गया। जो किसी सोची समझी राजनीति के कारण हुआ होगा इस से इंकार नही किया जा सकता। इतना ही नही लम्बे समय के बाद उनकी वंशावली जठेरे (कुल के देवी देवता और उनके) रीति रिवाज भी प्रायःलुप्त हो रहे है।जो चिंता का विषय भी है। सब को शर्मा उपनाम में जोड़ कर गड़बड़ कर दिया गया है। सोचें जब तीर्थ पुरोहितों के पास श्री राम जी की वंशावली आज भी सुरक्षित हैं तो आप के शर्मा उपगोत्र में आप के असली उपनाम को खोजना कितना मुश्किल है। चलिए अगर आप को अपने किसी पुराने बुजुर्ग की जन्म पत्रिका मिल भी जाए तो आप अपने गोत्र को ढूंढ ही लें गे। की आप शर्म से ब्राह्मण हैं या लुहार सुनियार क्या है। ऐसी समस्या आप के लिए खड़ी क्यों की गई । स्पष्ट है इसमें आप की असली पहिचान खत्म कर आप का वजूद ही मिटाने की बहुत बड़ी साजिश रची ही गई होगी। पाकिस्तान भारत बंटवारे से पहले आप के बुजुर्ग क्या शर्मा उपनाम प्रयोग करते थे या पंडित .नाम……फिर श...