गोचर कुंडली
* भारतीय ज्योतिष में गोचर क्या होता है ?* *गोचर = ग्रहों का वर्तमान भ्रमण*। *गो* = तारा/ग्रह, *चर* = चलना। आकाश में ग्रह लगातार चलते रहते हैं। जिस समय ग्रह जिस राशि में चल रहा है, उसे आपकी जन्म कुंडली की राशि/भाव से मिलाकर फल देखना = *गोचर फल*। *उदाहरण*: आज शनि कुंभ में है। आपकी चंद्र राशि मेष है। तो शनि आपके मेष से 11वें घर में गोचर कर रहा है। इसका फल देखेंगे। *गोचर = 20% फल*। 80% फल दशा-अंतर्दशा से। गोचर सिर्फ "समय कब आएगा" बताता है। --- *अष्टकवर्ग क्या होता है ?* *अष्टकवर्ग = 8 का वर्ग*। गोचर को नापने का स्केल। 7 ग्रह + लग्न = 8। हर ग्रह आपकी कुंडली के 12 भावों को शुभ बिंदु देता है। *कैसे बनता है*: 1. सूर्य, चंद्र, मंगल...शनि, लग्न - ये 8 बिंदु देने वाले हैं। 2. हर ग्रह 12 राशियों में 0 से 8 तक बिंदु देता है। 3. सबका जोड़ = *सर्वाष्टकवर्ग*। एक राशि में अधिकतम 56, न्यूनतम 0 बिंदु। *इस्तेमाल*: जिस राशि में 28+ बिंदु हों, उसमें ग्रह ...