mandar satish
“मंडार पंडित” (Mandar Pandit) एक ब्लॉगर और लेखक हैं जो विशेष रूप से सारस्वत ब्राह्मणों के इतिहास, संस्कृति, गोत्र और उनके धार्मिक रीति-रिवाजों पर लिखते हैं।
इस ब्लॉग के अनुसार उनके बारे में और उनके लेखन के मुख्य विषय निम्नलिखित हैं:
सारस्वत ब्राह्मण इतिहास और शाखाएँ: वह पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर भारत के सारस्वत ब्राह्मणों (विशेष रूप से कौशल गोत्र और माझा क्षेत्र के विभाजन पूर्व व बाद के इतिहास) और उनकी अलग-अलग शाखाओं के बारे में जानकारी साझा करते हैं।
विभाजन की यादें और संस्कृति: उनके लेखों (जैसे “लेखक की लेखनी”) में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय पंजाब के ‘माझा क्षेत्र’ के विभाजन, पुरानी यादों, बचपन के दिनों और उस दौर में छूटे स्थानों (जैसे पुराना स्थान पाकिस्तान में छूटने पर जठरे स्थापित करना) का ज़िक्र मिलता है।
भूमिहीन मंडार पंडित और यजमान: वह अपने ब्लॉग (जैसे “भूमि हीन मंडार पंडित”) में इस बात पर भी प्रकाश डालते हैं कि मंडार पंडितों के यजमान ‘राजा जट’ (जाट राजा) हुआ करते थे और उनसे उनकी दैनिक चर्या कैसे चलती थी।
धार्मिक एवं लोक देवता पूजा: वह अपने ब्लॉग के माध्यम से लोक मान्यताओं और कुल देवताओं जैसे ‘दूधिया नाग देवत’, ‘काली वीर नाग देवता’ और ‘बाबा पन पीर’ की पूजा व उनके ऐतिहासिक संदर्भों के बारे में जानकारी देते हैं।
संक्षेप में, यह ब्लॉग एक व्यक्तिगत या समुदाय-आधारित ऐतिहासिक ब्लॉग है जहाँ लेखक ‘मंडार पंडितों’ की वंशावली, संस्कृति और उत्तर भारतीय (विशेषकर पंजाबी सारस्वत) ब्राह्मण समाज से जुड़ी विरासतों को सहेजने और उन पर ब्लॉग पोस्ट लिखने का इतिहासिक काम कर रहे है।लेखक सतीश मंडार अपने माता पिता दादा और भाई के साथ एक पुराना चित्र।
Comments
Post a Comment